नमस्कार जयरती

आज चर्चा करने जा रहा हूं दुनिया के सबसे धर्म यानी कि सनातन वैदिक धर्म या फिर यूं कहें स्नातक वैदिक परंपरा की हमारे धर्म को किस प्रकार कलंकित बताया गया और किस तरह उसके खंड किए गए और वह कौन से कारण है जिसके लिए आज हमारे देश के लोग सनातन परंपरा पर उंगली उठा रहे हैं और किस प्रकार भड़काया जा रहा है

इच्छा धर्मों में से एक कारण गलत इतिहास का बताना है

आज हमारी इतिहास की किताबों में सिर्फ मुगलों की बढ़ोतरी की जा रही है हमारे समाज को बताया जा रहा है कि मुगलों ने कैसे ताजमहल बनाया मुगलों ने कैसे लाल बनाया अकबर और बीरबल की चर्चा किए गई हैं और अगर इतिहास के नाम पर कोई गद्दार हमें पढ़ाया भी जाता है तो जयचंद का नाम सबसे श्रेष्ठ आता है ना ही हमें कभी यह बताया जा रहा है कि बाबर ने किस प्रकार राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया था ना ही हमारे को अन्य प्रमाण जिससे हमारे धर्म को आहित हुआ हो वह बताया जा रहे हैं अकबर को महान बताया गया और मुगलों का सारा इतिहास औरंगजेब पर थोप दिया क्या इल्जाम औरंगजेब थोप दिया गया कभी भी महाराज विक्रमादित्य के बारे में नहीं बताया क्या जिन के योगदान से भारत सोने की चिड़िया बना और विश्व गुरु के नाम से प्रसिद्ध हुआ इनके शासनकाल में हमारे भारत की जीडीपी 33% थी मुगल काल के आने के बाद यह सिर्फ 16% रह गई परंतु हमारी इतिहास यह सब दर्ज करने के लिए पन्ने कहां बचे हैं अंग्रेजों के नियम और कानून अर्थव्यवस्था को बताने के लिए वर्तमान में आज हम जो पढ़ते हैं वह या तो किसी अंग्रेज के बारे में होता है या किसी मुगल के बारे में क्यों नहीं हमें हमारे इतिहास से रूबरू कराया जाता है रानी महारानी लक्ष्मीबाई इतनी बड़ी रानी रही इतिहास में सिर्फ दो अक्षर दो लाइने उनके नाम पर है पृथ्वीराज चौहान हमारे देश के सबसे बड़े राजा रहे लेकिन उनके काल की घटना सिर्फ 2% इतिहास की किताबों में मिलती है अंग्रेजों और मुगलों का मानना था कि किसी देश की सभ्यता में पूर्ण नियंत्रण पाने के लिए उस देश का इतिहास को दवा दिया जाए तो वह देश कभी भी एकाग्र नहीं हो सकेगा यही हमारे देश की सच्चाई है जो हमसे छुपाई गई है

जातियों में बांट कर खिलाया भ्रष्टाचार

हम स्कूली समय से ही पढ़ते आ रहे हैं कि जो ब्राह्मण लोग होते हैं सबसे उच्च दर्जे के हैं राजपूत लोग उन्हें थोड़ा नीचे और सबसे नीचे एससी एसटी के लोग हैं पिछले समय में वह लोग शूद्रों को इतना परेशान करते थे कि मंदिर या किसी भी धार्मिक स्थल पर उनका निवेश वर्जित होता था पिछड़े लोगों को स्कूल में जाकर पढ़ने की अनुमति नहीं थी कोई ब्राह्मण के सिवा स्कूल में पढ़ नहीं सकता था क्षत्रियों ने तलवार उठा ली तो उसका धड अलग कर दीया जाता एक ऐसी धारणा है लिखने वाले इतिहासकार ने कुछ इस तरह से हमारे सामने प्रस्तुत की है कि हम इसी झूठ को सच मान लेते हैं और सोचते हैं यह सच होगा परंतु दोस्तों यह बात एक विचार करने योग्य है कि जिस वक्त यहां पर यह जातिवाद बताया जा रहा था उस समय देश में हिंदू राजा राज कर रहे थे या हम अंग्रेजों या फिर कहें मुगलों के गुलाम थे सोच कर देखेंगे तब मालूम पड़ेगा की यह सब गलत है और यह सब कुछ हमारे धर्म सत्य सनातन के खिलाफ है इस प्रकार की टिप्पणी आपको कभी नहीं मिलेगी परंतु कुछ इतिहासकारों ने यह टिप्पणियां इस तरह इतिहास में जोड़ रखी है कि आज तक हमारा वैदिक धर्म इसमें बटा हुआ है और हां दोस्तों यह भी सत्य है अगर बचपन में हमारे दिमाग में कोई भी बात डाल दी जाएगी तो हमारा दिमाग उसे अजीब सत्य ही मानता रहता हैबिना किसी ठोस प्रमाण के या फिर कोई पुख्ता सबूत के इसलिए हमें बचपन मे मैं ही हम लोग अपने धर्म से भटक जाते हैं और हम लोग अपने धर्म को गलत समझने लगते हैं इसके कारण लाखों हिंदू भाई और लाखों हमारी बहनों का फायदा उठाकर दुश्मन उनका धर्म परिवर्तन करवा देते हैं हमारे सत्य सनातन के मार्ग से भटका देते हैं दहेज प्रथा और सती प्रथा भी इस साजिश का कहीं ना कहीं भाग रहा है हमें बताया जाता है कि कोई भी हिंदू कन्या विवाह के पश्चात जब प्राय घर में जाती है तो उसे दहेजलेकर के जाना होता है नहीं तो वह अपमानित होती है इस तरह की प्रथा साजिश का हिस्सा है जो बड़ी मात्रा में हम लोगों को बताया गया है हमारी प्राचीन ग्रंथों में कहीं भी ऐसा वर्णित नहीं किया गया है और फिर बात करता हूं सती प्रथा की इसमें बताया जाता है यदि किसी स्त्री का पति उसके जीते जी मर जाता है तो उसे स्त्री को जला दिया जाता है पर सदियों से हमारे देश में ऐसे ही इतिहास का उल्लेख किया जा रहा है मुगल काल और अंग्रेजी काल के बाद यह इतिहास क्यों पढ़ाया जाता है हमें बताया जाता है कि सती प्रथा अभी कुछ समय पहले ही खत्म हुई है अगर कभी भी पुराने इतिहास पर नजर डालेंगे तो पाएंगे कि 11 वीं सदी से पहले ऐसा कोई तथ्य हो या कोई भी प्रमाण नहीं मिलता है जैसे कि मैंने आपको बताया था विक्रमादित्य का इतिहास अगर आप उल्लेख पड़ेंगे तो आप पाएंगे कहीं भी सती प्रथा या फिर देश प्रथा का वर्णन नहीं मिलता है इससे हमें साफ साफ पता चलता है कि यह हमें मुगलों और क्रिश्चियन द्वारा यह इतिहास पढ़ाया गया यह इतिहास मिलावटी है मिलावटी इतिहास पढ़ने से हम लोग उसमें इतना खो जाते हैं कि अपने धर्म को समझ ही नहीं पाते हमारे धर्म के खिलाफ साजिश की जा रही है और उस पर बार-बार प्रहार किए जा रहे हैं जिससे कि हमारे देश की हानि हो हमारी सनातन संस्कृति की हानि हो रही है उन लोगों को डर था की हम अपनी संस्कृति को पढ़कर उन्नत ना बन जाए क्योंकि इतिहास गवाह है हमारे देश के महान राधा है जितने भी महा नहीं होता हुए हैं या फिर यूं कहें पूरे हिंदुस्तान या फिर पूरी दुनिया के सबसे महान राजा सिर्फ और सिर्फ सनातन वैदिक परंपरा के लोग थे दुश्मन को डर है अगर हमने अपना वह इतिहास पता चल गया तो हम विश्व गुरु बन जाएंगे जिससे दूसरे देशों की हानि हो सकती है दूसरे धर्मों की भी हानि हो सकती है अगर हम अपना सही से इतिहास पड़े तो हमारे गौरवशाली राजाओं और उनकी सफल योजनाओं के बारे में पता चलता है

हम अपने धर्म ग्रंथों को क्यों नहीं पढ़ते

हमें ऐसे समय में जीते हैं ऐसे वर्तमान समय में हम लोग जी रहे हैं इसे एक मॉडल युग या फिर मशीनों का युग कहना गलत नहीं होगा आज के युग में अगर हम अपनी धार्मिक पुस्तकों को पढ़ते हैं तो हम बहुत ही बैकवर्ड और थर्ड क्लास के मनुष्य है है क्योंकि हमारी शिक्षाओं के आधार पर ग्रंथ पढ़ने वाला तो ढोंगी पाखंडी या फिर अनपढ़ व्यक्ति होता है आज के युग में हम लोग वेस्टर्न कल्चर मैं इतना डूबे हुए हैं कि हम लोग अपने कल्चर को ही भूल चुके हैं हम लोगों के लिए बाइबल पढ़ना बहुत कूल है जबकि गीता पढ़ना बहुत ही बेकार चीज है हम लोगों ने अपने धर्म ग्रंथों को ही नहीं पड़ा जबकि इस्लाम के प्रवक्ता अपनी कुरान को या नमाज को रोज अदा करते हैं क्रिश्चियन प्रवक्ता हर शुक्रवार को अपने चर्च में जा कर के अपनी धार्मिक पुस्तक बाइबल को पढ़ते हैं परंतु हम हिंदू लोगों को अपनी धार्मिक पुस्तकों का ज्ञान नहीं है हम लोग अपने धार्मिक ग्रंथ जैसेस गीता महाभारत रामायण और चार वेद सामवेद यजुर्वेद ऋग्वेद और अथर्ववेद को नहीं पड़ते जिसमें से ऋग्वेद सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है इसका मूल उद्देश्य ज्ञान है यजुर्वेद में कई प्रकार के मंत्रों का उच्चारण दिया गया है और मैं सीरियस मंत्र नहीं है मंत्र द्वारा संस्कृत में वैदिक विधि उपचार या इलाज के लिए लिखी गई है सामवेद में संगीत और संगीत से जुड़े रहस्यों का वर्णन किया गया है और अथर्ववेद में धर्म और उसकी उत्पत्ति के बारे में वर्णित किया गया है यह भी बताया गया है कि इस ब्रम्हांड का निर्माण किस प्रकार से हुआ किस प्रकार धरती बनी किस प्रकार ग्रह बने और किस प्रकार आदमी की उत्पत्ति हुई परंतु इनका ज्ञान हमें ना तो हमारी स्कूली शिक्षा द्वारा हमें दीया जाता है और ना ही हमारे घर परिवार में इस तरह से जुड़ी हुई कोई बातें या रहस्य हमें बताता है जिसके कारण हम लोग इन चीजों पर ध्यान नहीं देते और अपनी शिक्षाओं को समझ नहीं पाते मनुस्मृति मैं राजधर्म और उससे संबंधित चीजों का वर्णन मिलता है इसमें बताया गया है कि राजा को किस प्रकार से राजधर्म निभाते समय किन-किन चीजों का पालन करना है किस तरीके से उसको देश की अर्थव्यवस्था चलानी किस प्रकार से बुरे समय में राज्यों को चलाना है इस प्रकार की शिक्षाएं दी गई है परंतु आज हम लोग इन्हीं ग्रंथों का ज्ञान पा नहीं पाते क्योंकि अंग्रेजों और मुगलों मिशनरियों ने हमारे दिमाग पर इस तरह से असर डाला है कि हमारे धर्म बेकार लगने लगे हैं इसमें सबसे बड़ा हाथ जो है वो कहीं ना कहीं टीवी का रहा है टीवी से हमें मालूम पड़ा कि टीका लगाने वाला या धर्म ग्रंथ पढ़ने वाला मूर्ख है और गलत शिक्षा देने वाला ही कूल व्यक्ति चलाता है आज हम मॉडर्न जमाने में जी रहते हैं तो मॉडल के हिसाब से काहे वेस्टर्न ब्रह्म हमारे एजुकेशन में लाया गया है इसके कारण हम लोग धर्म का ज्ञान नहीं ले पाए हमारे पूर्वज भी कहीं ना कहीं असफल रहे हैं इस ज्ञान को हम तक पहुंचाने में पूर्वज हमारे देश के बहुत जल्दी इन मिशनरियों के बहकावे में आ गए जिसके कारण हिंदुत्व अपने अस्तित्व को नहीं पहचान पाया

कहीं ना कहीं यह बात भी सच की हमारे देश में हमारी संस्कृति को कम करने में टीवी का भी उतना ही योगदान है जितना इतिहासकारों का क्योंकि टीवी यह हम लोगों को सिखाता है कि जो लोग अक्सर माथे पर लाल रंग का टीका या काले रंग का टीका लगाते हैं वह लोग अक्सर चोर या गुंडे हैं और अगर कोई हिंदू बनिया या कोई राजपूत दिखाया जाता है इतना कंजूस दिखाया जाता है कि अपने बच्चों को ही बेच कर खा ले यदि कोई सबसे बड़ा लूटेरा या डकैत फिल्मों में दिखाया जा रहा है तो वह सिर्फ हिंदू व्यक्ति ही होगा और दूसरी तरफ अगर फिल्मों में कोई ईसाई पादरी या फिर कोई मुस्लिम मौलाना को दिखा जाता है तो उन्हें अच्छे रोज में दिखाया जाता है कि समाज के प्रति उनकी छवि बिल्कुल सफेद और साफ-सुथरी है अभी कुछ समय पहले 2013 में बनी फनी फिल्म पीके में हिंदुत्व पुरुष हिंदुत्व सोच का बहुत अपमान किया क्या है उस फिल्म में सीधा सीधा हमारे देवी देवताओं के लिए अपमान की भावना दिखाई गई है परंतु आज हमें जागरूक होने की आवश्यकता है जिससे हम लोगों में एकता रहे और कोई भी हमारे देवी देवताओं को इस तरह ना दिखा पाए हम लोगों को यह सब रोकना होगा जागृत रहना होगा और सभी हिंदू भाइयों से निवेदन है कि इस तरह की फिल्मों या फिर वेब सीरीज का जमकर विरोध करें

हमारे धर्म के पूर्ण ज्ञान पानी के स्त्रोत

आज कोई हिंदू भाइयों में से नहीं जानता है कि सत्य सनातन धर्म क्या है तो हम लोग यह जानकारी यूट्यूब से भी प्राप्त कर सकते हैं यूट्यूब पर सत्य सनातन वैदिक इन्फो के 2 चैनल है जिनसे हमें धर्म की पूर्ण जानकारी मिलती है बताना चाहूंगा ऑफ इंडिया और द ऑफिशियल लेफ्ट विंग के सभी चैनल भी हमारे साथ इस लड़ाई में हमारे साथ हैं ऑफ इंडिया के पास तो ऑफ इंडिया नाम कर गई एक वेबसाइट भी है जिस पर जा करके आप लेटेस्ट अपडेट रिगार्डिंग हिंदू धर्म या फिर हिंदू न्यूज़ देख सकते हैं सकते हैं सभी को बताना चाहूंगा इन सभी स्त्रोत को जरूर बड़े या देखें ताकि आप लोगों को हमारे धर्म की अपडेट जानकारी मिलती रहे गी आप लोग हमारे धर्म को सीख पाए और हमारे धर्म को बचा पाए गे

एकता में बल है और जो लड़ता है वही जीता है इसलिए हमें इस लड़ाई को पूरे जोश पूरे उत्साह और पूरी लगन से लड़ना है हम लोगों को पूर्ण ज्ञान अपने धर्म के बारे में एकत्रित करना है ताकि भविष्य में कोई भी सवाल हमसे अपने धर्म के बारे में ना पता हो तो हम पूरी उन्नति से और पूरी उम्मीद के साथ उसका उत्तर दे पाए और अपने

जय हिंद वंदे मातरम